Next Story
Newszop

गुजरात के अरवल्ली में जन औषधि केंद्र बना मरीजों का सहारा, कम कीमत पर मिल रही दवाइयां

Send Push

अरवल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए महंगी दवाइयों की खरीदारी अक्सर एक चुनौतीपूर्ण कार्य साबित होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र ने इस समस्या का समाधान निकाला है। गुजरात के अरवल्ली जिले में स्थित केंद्र ने कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराकर लोगों के दवाइयों पर होने वाले खर्चों में काफी कमी की है।

अरवल्ली स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, अर्थराइटिस जैसी कई प्रकार की दवाइयां आम मेडिकल स्टोर से बहुत कम कीमत पर मिल रही हैं, जिससे लोगों को बड़ा लाभ हो रहा है।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के संचालक धर्मेंद्र भाई पटेल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि हमारा जन औषधि केंद्र बहुत ही लोकप्रिय हो गया है। यहां आने वाले 1,000 से ज्यादा ग्राहक हैं, जो डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और अन्य बीमारियों की दवाइयां खरीदने आते हैं। हम मरीजों को उनकी दवाइयां आधी कीमत में उपलब्ध कराते हैं, जो उन्हें सामान्य मेडिकल स्टोर्स पर कहीं ज्यादा कीमत पर मिलती हैं। इस केंद्र से मरीजों को अच्छा अनुभव हो रहा है और वे अक्सर हमारे पास वापस आते हैं।

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का उद्देश्य नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां मुहैया कराना है। कई लाभार्थियों ने केंद्र की सेवाओं की सराहना की है। दिनेश भाई रावल और राम भाई जैसे नागरिकों ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के लिए अपनी संतुष्टि व्यक्त की, जिनका कहना है कि उन्हें आवश्यक दवाइयां अब काफी सस्ते दामों पर मिल रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर कम दबाव बन रहा है। उन्होंने बताया कि यहां पर दवाइयां खरीदने से उन्हें 80 फीसदी तक की बचत हो रही है, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।

बता दें कि सितंबर 2015 में 'जन औषधि योजना' को 'प्रधानमंत्री जन औषधि योजना' (पीएमजेएवाई) के रूप में नया रूप दिया गया था। नवंबर 2016 में योजना को और अधिक गति देने के लिए, इसे प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) नाम दिया गया। इसका उद्देश्य लोगों को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है। जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो कम कीमत पर उपलब्ध हैं, लेकिन गुणवत्ता और प्रभावकारिता में महंगी ब्रांडेड दवाओं के बराबर हैं।

--आईएएनएस

पीएसके/एकेजे

Loving Newspoint? Download the app now